
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के मानदेय में 10% की वृद्धि
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं शिशु पालना गृह की कार्यकर्ता को देय मानदेय की दरों में राज्य सरकार की निधि से 10% की वृद्धि हुई है |
माननीय उपमुख्यमंत्री महोदया की बजट घोषणा वर्ष 2025-26 के बिंदु संख्या 97 (3) की पालना में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका एवं शिशु पालना गृह कार्यकर्ता को देय मानदेय में 10% की मानदेय वृद्धि की गई |
कब से मिलेगा बढ़ा मानदेय
10% की मानदेय वृद्धि का लाभ 1 अप्रैल 2025 से देय होगा |
शत प्रतिशत राज्य निधि मद में 10% की वृद्धि हुई
अवगत हों की यह मानदेय वृद्धि राज्य सरकार ने की हैं बढ़ा हुआ कुल मानदेय (100%) राज्य सरकार देगी |
जानिये 1 अप्रैल से किसे कितना मिलेगा कुल मानदेय
आंगनवाड़ी कार्यकर्ता
नान मैट्रिक – पहले 9439₹ मिलता था मानदेय और बढ़कर 9939₹ हो गया है |
नान मैट्रिक + 5 वर्ष का अनुभव- पहले 9463₹ मानदेय मिलता था और अब अब 9973₹ मानदेय मिलेगा
नान मैट्रिक +10 वर्ष का अनुभव- पहले 9509₹ मानदेय मिलता था और अब 10010₹ मानदेय मिलेगा |
मैट्रिक- पहले 9509₹ मानदेय मिलता था अब 10010₹ मानदेय मिलेगा |
मैट्रिक +5 वर्ष का अनुभव- पहले 9546₹ मानदेय मिलता था और अब 10048₹ मानदेय मिलेगा
मैट्रिक +10 वर्ष काअनुभव- पहले 9581₹ मानदेय मिलता था और अब 10083₹ मानदेय मिलेगा
आंगनवाड़ी सहायिका
पहले 5590₹ मिलता था मानदेय और अब बढ़कर 5924₹ मानदेय हो गया है r
शिशु पालना गृह कार्यकर्ता
पहले 4554₹ मानदेय मिलता था और अब बढ़कर 5009₹ हो गया मानदेय |
उक्त स्वीकृति वित्त विभाग द्वारा 10 मार्च 2025 को जारी |
यह आदेश शासन सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग राजस्थान, जयपुर निदेशालय से जारी।
अन्य राज्यों में मानदेय की स्तिथि
उत्तर प्रदेश : यूपी में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को मिलने वाला मानदेय काफी कम है |
भारत सरकार से मानदेय 4500₹
राज्य सरकार से अतिरिक्त मानदेय 1500₹
PLI प्रोत्साहन राशि 1000₹ + 500₹
भारत सरकार से 500₹ PLI का प्रस्तावित है परंतु अधिकांश आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका का कहना होता है कि उन्हें भारत सरकार का प्रोत्साहन धनराशि नहीं मिलता |
हाल ही में उत्तर प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के मानदेय वृद्धि की आवाज को विधानसभा में भी उठाया गया परंतु यहां पर विभागीय मंत्री ने जबाव देते हुए कहा कि अभी आंगनवाड़ी और सहायिका के मानदेय वृद्धि पर सरकार का कोइ विचार नहीं है
मंत्री के जबाव के बाद उत्तर प्रदेश में मानदेय की उम्मीद अभी दिखाई नहीं देती |
बिहार राज्य में आंगनवाड़ी मानदेय का हाल
प्रदेश के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की घोषणा के महज कुछ घंटों के बाद ही सरकार ने 2.30 लाख आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के साथ ही त्रि-स्तरीय पंचायत प्रतिनिधियों के मानदेय में वृद्धि कर दी है।
सोमवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इन दोनों प्रस्तावों को स्वीकृति दी गईं।
आज की बैठक में कुल 19 प्रस्ताव स्वीकृत किए गए।
सेविका को सात हजार तो सहायिका को मिलेंगे चार हजार मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के अपर मुख्य सचिवडॉ. एस सिद्धार्थ ने बताया कि प्रदेश में एक लाख 15 हजार नौ सेविका और इतनी ही संख्या में सहायिका हैं।
सरकार ने ‘इनके देय भत्ता में पहली अप्रैल 2024 के प्रभाव से वृद्धि करने का निर्णय लिया है। आंगनबाड़ी सेविका को अभी 5950 रुपये भत्ता के रूप में मिलते हैं। जिसे बढ़ाकर सात हजार रुपये किया गया है।
इसी प्रकार सेविका को मिल रहे 2975 रूपये को बढ़ाकर चार हजार रुपये किया गया है।
इ्स निर्णय के बाद सरकार को अंतर राशि के रूप में प्रतिवर्ष 286.37 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार वहन करना होगा।
वर्तमान में इस योजना में केंद्र का हिस्सा 60 प्रतिशत और राज्य का हिस्सा 40 प्रतिशत है, लेकि भत्ते में वृद्ध के बाद योजना में राज्य की हिस्सेदारी बढ़कर61.43 प्रतिशत जबकि केंद्र की 38.57 प्रतिशत हो जाएगी।
डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि सेविका और सहायिका की तरह मंत्रिमंडल ने त्रिस्तरीय पंचायत के छह पदों पर निर्वाचित प्रतिनिधियों के मानदेय में भी वृद्ध की है।
बढ़ा हुआ मानदेय पहली अप्रैल 2024 के प्रभाव से देय होगा। पंचायत के मुखिया को ढाई हजार के स्थान पर पांच हजार, मुखिया को 12 सौ रुपये की बजाय 25 सौ, ग्राम पंचायत सदस्यों को पांच सौ के स्थान पर आठ सौ मानदेय मिलेगा।
इसी प्रकार ग्राम कचहरी सरपंच को ढाई हजार की बजायपांच हजार, उप सरपंच को 12 सौ की जगह 25 सौ और पंचको पांच सौ के बदले आठ सौ रुपये का मानदेय मिलेगा।
मानदेय में वृद्धि के बाद सरकार को इस मद में अतिरिक्त3.30 अरब रुपये का वहन करना होगा।

